होमियोपैथी से एक्जिमा का उपचार
*एक्जिमा क्या है*
एक्जीमा (Eczema) चमड़ी का रोग है,जिसमें चमड़ी में सुखापन आ जाता है और बहुत ज्यादा खुजली होती है । यह बीमारी हमारे शरीर की हानिकारक प्रमाणो के प्रति स्वरक्षी तंत्र (Immune system) की प्रतिक्रिया है ।
*एक्जिमा की लक्षण*
खुजली आती है और चमड़ी लाल हो जाती है,खुजाने पर लक्षण और तीव्र हो जाते है.
चमड़ी सुखी पड़ जाती है और उससे पपड़ी किलती है.
कभी कभी खुजली के बाद फफोला आ जाते है और यह फफोला फूट जाने पर चमड़ी में एक चिकनापन आ जाता है.
चमड़ी की तह में ज्यादा पाया जाता है.
खास करके हाथ और पैर जहाँ मुढ़ते है.
साबुन शेम्पु इत्यादि के प्रति चमड़ी अतिसंवेदनशील हो जाती है
*रोग के कारण*
तनाव
सवेंदनशील वस्तुयों के संपर्क में आना
जननिक प्रवित्ति
वातावरणीय प्रभाव
बहुदा लोगो मे एलर्जी की सुरुवात का मुख्य कारण होता है ।
निचे दी गई संवेदनहीत चीजों के संपर्क में आकर चमड़ी मे खुजली इत्यादी उभरणे लगती है
साबुन, डिटर्जेट,कुछ कपड़े, जूते,धात्विक पदार्थ जैसे लिकिल, मरकरी आदि,नाखून पालिस, सौन्दर्य प्रसाधान क्रीम, चमडे का सामान आदि
उन चीजो के संपर्क मे अना जिससे हमे एलर्जी है
*तनाव* भी एक्जिमा का एक मुख्य कारण हो सकता है
दुख,चिंता,निराशा,दोष,असन्तोष,
दमित भावनाएं
*औपचारिक उपचार*
चमड़ी की नमी बढ़ाने वाले मरहम
खुजली कम करने वाली दवाईयॉँ
एन्टीबायोटिक्स
साइक्लोस्पोरिन
फोटोथेरेपी
स्टेरॉइड युक्त मरहम और खानेवाली दवाईयो का उपयोग करना
*होमियोपेथी उपचार*
होमियोपेथी मे एक्जीमा को एक आंतरिक बीमारी का बाहरी रुप माना जाता है,एक्जीमा को स्थानिक रोग नही माना जाता है, होमियोपेथिक दवाई से रोग के लक्षण मेें कमी आती है,साथ मेें शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति भी ब़ढत़ी है, एलर्जीी भी कम हो जाती है ।
सही होमियोपेथिक दवाई चुनने से पहले रोग के सारे लक्षणोें को बारीकी से जांचा जाता है,होमियोपेथी मे हर एक्जीमा के मरिज को एक जैसी दवा नही दी जाती है, बल्कि मरीज को दवा देने के पुर्व, उसे पुर्ण रुप से समझने की कोशिश की जाती है । एक व्यक्ति की प्रवृतिया, मानसिक स्थिती, पारिवारिक और जाननिक प्रवृति को समझा जाता है,
*कई रोगी उपचार कराकर ठीक हो गए है व अन्य कई रोगियों का इलाज चल रहा है*
*नोट- होम्योपैथी में रोग के कारण को दूर करके रोगी को ठीक किया जाता है। प्रत्येक रोगी की दवा उसकी शारीरिक और मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना चिकित्सकीय परामर्श यहां दी हुई किसी भी दवा का उपयोग न करें।*
*डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी*
होमियोपैथिक चिकित्सक
त्रिवेदी होमियोपैथिक क्लिनिक
लिली चौक,पुरानी बस्ती,
बरई मंदिर रोड, रायपुर, छत्तीसगढ
*8461030001*
*Facebook instagraam*
*@Dr.Trivedis Homeopathy*
Comments
Post a Comment