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*तेज धूप से खुद को बचाने मे काम आएगी होमियोपैथी :डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी*

*तेज धूप से खुद को बचाने मे काम आएगी होमियोंपैथी :डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी* गर्मी के दिन आते ही लू लगना एक आम बात होती हैं। लू को हीट स्ट्रोक (Heat Stroke,Sun Stroke,Thermic Fever,Siriasis) भी कहते है। धूप में जाने पर लू लगने का खतरा बना रहता हैं। इसे साधारण नहीं समझना चाहिए बल्कि तुरंत उपचार कराना चाहिए क्योंकि ज्यादा होने पर व्यक्ति के प्राण भी जा सकते हैं। होम्योपथी से न सिर्फ लू से बचाव किया जा सकता हैं बल्कि धूप में जाने से पहले होम्योपैथिक दवाई खाने से लू लगने से बचा भी जा सकता है । *डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी ने बताया की* धूप में जाने पर पसीना अधिक आने से शरीर में नमक और पानी की कमी हो जाती हैं, मौसम का तापमान बढ़ने से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। इस बिगाड़ का शरीर पर आंतरिक दुष्प्रभाव है लू। तेज बुखार, बेचैनी, असहनीय सिर दर्द, पेशाब न होना, शरीर में जलन, मुँह और गले में सूखापन, तीव्र अवस्था में बेहोशी इसके मुख्य लक्षण हैं। अगर लू लग ही जाए तो होम्योपैथी में इसके असरकारी उपाय हैं। *क्या न करें* मौसम में परिवर्तन हो रहा है। अत: सर्दी-खांसी और बुखार होने की संभावना बनी रहती है। इस मौसम में जब भ...

*पीसीओडी/पीसीओएस का इलाज होमियोपैथी से संभव*

*पीसीओडी/पीसीओएस का इलाज होमियोपैथी से संभव*   *पीसीओडी क्या है?* पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि रोग)या पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम) एक बीमारी है जो अंडाशय (पॉली) में पैदा कई अल्सरों (तरल पदार्थ से भरी हुई छोटी थैलियां) से होती है। पीसीओडी के मरीजों में हार्मोन का असामान्य स्तर होता है जिसके परिणामस्वरूप शरीर में अनियमित मासिक धर्म, बांझपन और मांसपेशियों में कुछ परिवर्तन होते हैं। *पीसीओडी का कारण क्या है?* पीसीओएस समस्याएं हार्मोन परिवर्तन हार्मोनल असंतुलन के कारण होती हैं। एक हार्मोन परिवर्तन दूसरे की उत्तेजित करता है, जो दूसरे की बदलता है 1. टेस्टोस्टेरोन के उदय स्तर - एण्ड्रोजन या "पुरुष हार्मोन," हालांकि सभी महिलाएं थोड़ी मात्रा में एण्ड्रोजन बनाती हैं महिलाओं में सामान्य एण्ड्रोजन स्तर से अधिक होने से अंडाशियों की प्रत्येक माहवारी चक्र के दौरान अंडे (ओवल्यूशन) जारी करने से रोक सकता है। अतिरिक्त एण्ड्रोजन का उत्पादन अंडाशय की थिका कोशिकाओं द्वारा या तो हाइड्रिनसुलिनमिया या ल्यूटिनाइजिंग हामोंन (एलएच) स्तरों के कारण होता है। 2. लूटिनिंग हार्मोन (एलएच) का ब...

कोरोनॉ वायरस का इलाज होमियोपैथी से संभव : डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी

कोरोनॉ वायरस का बचाव होमियोपैथी से संभव :डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी  क्या है कोरोना वायरस? कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकना वाला कोई टीका नहीं है. क्या हैं इस बीमारी के लक्षण? इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है. क्या हैं इससे बचाव के उपाय? कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए.अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय ...

किडनी फेल होने के कारण

भारत में किडनी फेलियर के मामले बढ़ोतरी आ रही हैं। अक्सर लोग डॉक्टर की सलाह लेने के बजाय सीधे मेडिकल स्टोर से सिरदर्द और पेट दर्द की दवा लेकर खा लेते हैं। इनसे किडनी को नुकसान पहुंचता है। आज हम उन आदतों के बारे में बता रहे हैं जो किडनी की खराबी की वजह बन रही हैं। ज्यादा नमक खाना ज्यादा नमक खाने से किडनी खराब हो सकती हैं। नमक में मौजूद सोडियम ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जिससे किडनी पर प्रतिकूल असर पड़ता है। ज्यादा नॉनवेज खाना मीट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है। ज्यादा मात्रा में प्रोटीन डाइट लेने से किडनी पर मेटाबॉलिक लोड बढ़ता है, जिससे किडनी स्टोन की समस्या बढ़ सकती है। बहुत ज्यादा दवाएं छोटी-छोटी समस्या आने पर एंटीबायोटिक या ज्यादा पेनकिलर्स लेने की आदत किडनी पर बुरा असर डाल सकती है। डॉक्टर्स से पूछे बगैर ऐसी दवाएं नही लीजिये । शराब पीना ज्यादा मात्रा में और नियमित अल्कोहल के सेवन से आपके लिवर और किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ज्यादा कोल्ड ड्रिंक भी हानिकारक होती है। सिगरेट या तंबाकू सिगरेट या तंबाकू के सेवन से टॉक्सिंस जमा हो जाते हैं, जिससे किडनी डैमेज होने की समस्या हो सकती...

मोटापा और होमियोपैथिक चिकित्सा :डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी

*मोटापा और होमियोपैथी चिकित्सा:डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी* मोटापा एक आम पोषण संबंधी विकार है जिसके परिणामस्वरूप सभी आयु समूहों के लोगों में तनाव हुआ है. हाल के दिनों में स्लिमिं...

*बच्चो को कुपोषित होने से बचाये होमियोपैथी अपनाए :डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी*

*बच्चो को कुपोषित होने से बचाये होमियोपैथी अपनाए :डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी* अकसर मम्मियां शिकायत करती हैं कि मैं तो बच्चे के खाने-पीने का पूरा ध्यान रखती हूं, फिर भी उसके शरीर को ...

*जरूरी है मरीज और चिकित्सक के बीच विश्वास के रिश्तों को बहाल करने की :डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी*

*जरूरी है मरीज और चिकित्सक के बीच विश्वास के रिश्तों को बहाल करने की :डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी* तीमरदारों ने अस्पताल में तोड़-फोड़ की, मरीजों के परिजनों ने नर्सिंग होम के शीशे तोड़े, ...