होमियोपैथी से गठिया वात (अर्थराइटिस)रोगों का उपचार
होमियोपैथी से गठिया ,जोड़ो का दर्द का उपचार।
हमारा भारतवर्ष एक विशाल देश है,जन समान्य की अज्ञानता,आहार विहार के नियमो के उदासीनता स्वास्थ के प्रति लापरवाही आदि के कारण रोगियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढती जा रही है।
होमियोपैथी विश्व की सरलतम चिकित्सा पद्धति मानी जाती है,इसी पद्धति के द्वारा जटिल से जटिल रोगों की चिकित्सा बड़ी आसानी से की जा सकती है,आधुनिक चिकित्सा विज्ञानं ने जिन रोगियों को असाध्य कहकर छोड़ दिया उन्हें होमियोपैथी द्वारा न केवल शीघ्र आराम हुआ बल्कि वे पुर्णतः रोगमुक्त भी हो गये।
जोड़ो के दर्द में अत्यधिक पीड़ादायक परेशानी भरा जीवन जीना पड़ता हैं जिसके लक्षण सभी जानते है .की शरीर वो दोनों हड्डियों के जोड़ भाग या जहाँ आपस में हड्डियों का मिलन होता उस भाग में दर्द या दर्द के साथ सूजन होती है .हाथ-पाँव के बड़े जोड़ो को गाउट, अर्थराइटिस कहते हैं. हाथों की अंगुलियों में दर्द या सूजन हो तो या रियुमेटीज्म के नाम से जाना जाता हैं .
संधिशोथ = प्रारंभिक अवस्था में लगभग पूरा शरीर प्रभावित हो जाता हैं ,किसी किसी को एक या दो जोड़ प्रभावित हो जाता हैं .यह शरीर के किसी भी जोड़ या जोडी या संधि में हो सकता हैं .गठिया दो प्रकार का होता हैं आस्टियो आर्थइटीस और रर्ह्युमेतिक अर्थराइटिस osteo arthritis यह एक जीर्ण रोग हैं जो 50 वर्ष के लोगो में पाया जाता हैं .मोटापा, बुढ़ापा और जोड़ो का क्षरण. जिसमें वजन बढने के साथ आराम की अधिकता पाई जाती हैं .
अस्थी संधिशोथ - यथा नाम तथा गुण - इसमें जोड़ो के अंदर कई जगह बदलाव आ जाते है ,जोड़ो में दर्द और कठोरपन इस रोग के प्रमुख लक्षण होते हैं .व्यायाम से प्राय दर्द बढने लगता हैं .
कारणों के प्रकार -खानदानी ,चोट लगने से , अधिक औषधियों के सेवन से, यूरिक एसिड की टोफी बनने के कारण [ यूरिक एसिड के नही निकल पाने से .]
आमवात Rheumatism - जो भोजन हम करते कमजोर चयापचय के कारण पाचन नही होने से भोजन का कच्चे रूप आम बनता व वात [ Aeolian ] ,वायु के प्रभाव से दोनों का संगम आमवात का निर्माण होता हैं .
होमियोपैथिक उपचार--कई रोगी होमियोपैथिक चिकित्सा कराकर ठीक हो गये है एवं कई रोगियो का इलाज चल रहा है।
होमियोपैथिक औषधिया-- ब्रयोनिया, रस्टाक्स,बॆलाडोना,एपिसमेंल,रूटा,अर्निका,मेडोरिहनम,आदि औषधीय चिकित्सक की सलाह से ली जा सकती है।
परहेज -- मसालेदार एवं गरिस्ठ चीजे,नशीली चीजे,वसा युक्त भोजन,मांसाहार,ठंडी चीजे का प्रयोग नहीं करना चाहिए।।
डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी
होमियोपैथिक चिकित्सक
लिल्ली चौक पुरानी बस्ती बरई मंदिर रोड़, रायपुर छ्त्तीसगढ़
8461030001
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